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Showing posts from February, 2019

गोविन्दपुरी

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मन्दाकिनी जैसी चाल चल्ती गोविन्दपुरी और मै एक बेगाना सा भिड पात्र,ठण्ड के मौसम होती हुई बारिश कि तरह गोविन्दपुरी कि बाते मनको चंचल करती है। बोर्ड पे लिखा नोटिस दिखाता है आपको आपकी यात्रा कि वृतान्त । दिल्ली गेट से गोविन्दपुरी मानचित्र किराया    40 किराया    30 समय    29 min पहली    6:08 आख़री    0:00 गोविन्दपुरी सिर्फ प्रश्न पुछ्ती है कहाँ आना जाना है ।इसी कि सामने खडे होकर पुछु माई गोविन्दपुरी आप ठिक हो ।आपको पता है इन्द्रप्रस्थ नगरी तो बहुत ब्यस्त है ,भिड को एक पहचान तो दो। क्या आप भी माई ऐसे हि खडी हो ।वो बोलि दिनभर मै देखु भिड को रातको ओखला कि जंगल से आती शान्त पवन और रेल कि गुन्ज काफी है मुझे आवाज देने के लिए ।मै होकर बिभोर रहती मगन इसी गुन्ज मै ।

दिल्ली

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कहते है दिल का रिस्ता हमेसा जुबानपे  झलकता नही ,ये ऐसे लम्हे सरोजता है जो यादगार रह्ते है जिन्दगि को हसिन बनाने के लिए ।दिल्ली  कि आवाज गिरीनगर बन के गिरीनगर जो गित सुनाती है वो लाजवाफ है ।गिरीनगर एक ऐसा गाव जिसमे है  अलग अलग छाव धुप ,जब गली न एक के नुक्कड़ पे कोइ खडा होकर गुरुद्वारा को नमन करता है तो अर्दास आपके मन को शान्त कर देता है ,कहते  है सन्त कबिर के दोहो के जादु मे दिल्ली झुमती है और गोविन्दपुरी मार्केट मधुर संगीत मे लोट्पोत होकर ठहाके लगाती है । भिड को सम्भालती गोविन्दपुरी गुञ्जन लेके चल देती है सी आर पार्क तरफ जहाँ पे शोर मचाति भिड ठहका लगाती है पान के स्वाद के साथ फिर घुम जाति है लाजपत् नगर कि तरफ जहाँ पे खडी छोटे छोटे  रिक्सा मे वैठ कर हसते हुए लोग भिड बन जाते है दिल्वालो कि दिल्ली सजाने को ,क्यु कि इसी पल मे दिल्ली अपने आप को निहारती है ।क्यु घुम्ने जाते है लोग दिल्ली ये सवाल मेरे मन मे हमेशा उठ्ता रहा है ,जानकार लोग कहते है दिल्ली दिल्वालो कि है ,लोग मस्त मगन घुम्ते है ,छोटी छोटी बातो मे दिल्ली थिरकती है जैसे  सितार के राग दिल्ली मे मगन है...

माता कालकाजी कि जय

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मा कालकाजी ,'काली' का अर्थ है समय और काल। काल, जो सभी को अपने में निगल जाता है। भयानक अंधकार और श्मशान की देवी। वेद अनुसार 'समय ही आत्मा है, आत्मा ही समय है'। मां कालिका की उत्पत्ति धर्म की रक्षा और पापियों-राक्षसों का विनाश करने के लिए हुई है। काली को माता जगदम्बा की महामाया कहा गया है। मां ने सती और पार्वती के रूप में जन्म लिया था। सती रूप में ही उन्होंने 10 महाविद्याओं के माध्यम से अपने 10 जन्मों की शिव को झांकी दिखा दी थी। दिल्ली के कालकाजी इलाके में स्थित कालकाजी मंदिर माता काली को समर्पित है जिन्हे दुर्गा का अवतार माना जाता है। यह एक ऐतिहासिक और प्राचीन मंदिर है मंदिर में काले और सफेद पत्थर लगे हैं। साउथ दिल्ली स्थित कालकाजी मंदिर बेहद प्राचीन मंदिर है। ये मंदिर देश के प्राचीनतम सिद्धपीठों में से एक है। मां के भक्त दर्शन करने पहुंचते हैं। कालका काली का ही दुसरा नाम है। इस मंदिर को जयंती पीठ और मनोकामना सिद्ध पीठ भी कहा जाता है। इस पीठ का अस्तित्व अनादि काल से माना गया है और हर काल में इस जगह का स्वरुप बदला है। ऐसी मान्यता है कि काली मां ने असुरों के संहार के लि...

शिव

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गिरीनगर कल्काजी दिल्ली रहो और शिव ताण्डव नृत्य दर्शन ना करो ये तो हो हि नही सकता,दरअसल, जब हम 'शिव' कहते हैं तो वह निराकर ईश्वर की बात होती है और जब हम 'सदाशिव' कहते हैं तो ईश्वर महान आत्मा की बात होती है और जब हम शंकर या महेश कहते हैं तो वह सती या पार्वती के पति महादेव की बात होती है। बस, हिन्दूजन यहीं भेद नहीं कर पाते हैं और सभी को एक ही मान लेते हैं। अक्सर भगवान शंकर को शिव भी कहा जाता है।  शिवपुराण के अनुसार भगवान सदाशिव और पराशक्ति अम्बिका (पार्वती या सती नहीं) से ही भगवान शंकर की उत्पत्ति मानी गई है। उस अम्बिका को प्रकृति, सर्वेश्वरी, त्रिदेवजननी (ब्रह्मा, विष्णु और महेश की माता), नित्या और मूल कारण भी कहते हैं। सदाशिव द्वारा प्रकट की गई उस शक्ति की 8 भुजाएं हैं। पराशक्ति जगतजननी वह देवी नाना प्रकार की गतियों से संपन्न है और अनेक प्रकार के अस्त्र शक्ति धारण करती है। वह शक्ति की देवी कालरूप सदाशिव की अर्धांगिनी दुर्गा हैं। उस सदाशिव से दुर्गा प्रकट हुई। काशी के आनंदरूप वन में रमण करते हुए एक समय दोनों को यह इच्‍छा उत्पन्न हुई कि किसी दूसरे पुरुष की सृष्टि करनी ...

गुड मोर्निंग गिरीनगर

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गुड मोर्निंग गिरीनगर ,कैसे है आप ,सुबह सुबह गर्म चाय से लेकर कुछ न कुछ नास्ता तो ब नता है ,उपर से मेरी मा को आदत है खाने मे  आयुर्बेदीक नुस्खे निकालकर बताना,जब से संसार कि बाते समझ आई है सिर्फ मा को देखा है हमेशा खाने से लेकर हर चिज सम्भालना ।चाय एक ऐसा पेयपदार्थ है जिसके पीकर ही ज्यादातर लोगों के सुबह की शुरुआत होती है.लोगों को सुबह बिस्तर छोड़ते ही सबसे पहले चाय चाहिए है. कई लोग तो बिस्तर पर लेटे  हुए ही गर्म चाय की फरमाइश करते है.ज्यादातर लोग गर्म गर्म चाय ही पीना पसंद करते है.नीबू पानी पिने की आदत बनाए. ताकि शरीर स्वस्थ और सुंदर बना रहे. मेरी मा हमेशा अपने को व्यस्त रखती है ।वह घर के सभी काम स्वयं करती हैं । सुबह सबसे पहले घर की सफाई करती हैं । भोजन स्वयं ही बनाती है और सब को प्यार से खिलाती हैं । कपड़ों को धोकर उन्हें प्रैस करके हमें पहनाती हैं ।रामायण, महाभारत आदि धार्मिक ग्रन्थों और महापुरुषों की कहानियाँ भी सुनाती हैं । उसकी सोचने समझने की शक्ति बहुत अच्छी है । घर का खर्च भी अच्छी तरह चलाती है। घर में सुबह सबसे पहले उठती है और सबको सुलाने के बाद ही सोती है । उसे स...

प्रेम दिवस और मेरी मा

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बचपन बित गया पलको मे तेरी मा तु हि मेरी मन तु हि पवन धर्ति छोट छोट पाव से बन शिशु घुमु मै तेरी पायल मेरी धुन तेरी वाणी मेरी राग कहत कबिर मोर मन भयो बिभोर हर्ष मै सन्त कि करु मै सेवा मेरी प्यारी मा प्रेम दिवस आज करु प्रेम आलाप मेरी मा मेरी मा तु हि मेरी आवाज मा जग मे सुन्दर ये तोरे नयन तेरी आशिर्बाद रहे हमेशा मुझ पर मा

दिल्ली यात्रा वृतान्त

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गिरीनगर दिल्ली एक ऐसा नाम   है जो गुन्ज ति रहती है । इसलिए मै हमेसा दिल्ली कि हर गल्लि घूमते रह्ता हु ,शोध एवं अनुसंधान के उद्देश्य से अनेक अंतर्राष्ट्रीय पर्यटक व्यक्तिगत रूप में सिख धर्म के विभिन्न पहलुओं पर रिसर्च करने के लिए पावन स्थल का दौरा करते हैं।गुरुद्वारा बंगला साहिब में स्थित दिल्ली का पहला मल्टीमीडिया म्यूजियम अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों को सिख धर्म की विस्तृत जानकारी प्रदान करने का सबसे सुगम तथा बड़ा स्त्रोत बन गया है. इस म्यूजियम में पेंटिंग डिजिटल टेक्नोलॉजी, स्क्रीन भित्ति-चित्र, चित्रपट, तथा विभिन्न भाषाओं के माध्यम से सिख धर्म के मूल सिद्धांतों की जानकारी प्रदान की जाती है। भारत की राजधानी दिल्ली यमुना नदी के किनारे स्थित है और यह 1483 वर्ग किलोमीटर के इलाके में फैली है। दिल्ली उत्तर भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक केंद्र है और यहां की संस्कृति यहां के महत्वपूर्ण इतिहास से प्रभावित है। पुरानी दिल्ली सन् 1638 में उंचे पत्थरों से बनी दीवार से घिरी है। यहां सात दरवाजों से पहुंचा जा सकता है, जिसमें दक्षिण का दिल्ली गेट, पूर्व में अजमेरी गेट और उत्तर में कश्मी...

दिल मांगे मोर

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कहते है मुकद्दर पे लिखा तो कोइ बदल नही सकता ,लेकिन  जब मै यात्रा वृतान्त लेकर मोबाइल से अपडेट करते रह्ता  हु तो मेरे हर फोटो ब्लग मे कहानी  बन कर उभरकर आती है गिरीनगर कल्काजी दिल्ली ,ये मेरी छोटी सी गाव ,और मै ठहरा एक जोगी जो घुम् ता हु ,मुस्कुरा कर हर दिन को सम्भाल कर तस्बिर कैद करता हु।मेरे सामने मा का चेहरा बन जाति है वो नुरानी भाव जिस से मेरी जिन्दगि सिर्जित हो गई है । आज है प्रेम दिवस ,और मुझे याद है हर वो दोस्त जिसने मुझे प्यार किया अपने से ज्यादा । इसलिए मुस्कुराहत के मिठे बोल से मै हमेसा तस्बिरो  मै खोया  खोया रह्ता  हु।आज के दिन सभी को मेरा नमन और प्यार ।मुझे याद है मेरी कुल्लु मनाली के  हर पल जो हिम वर्षा पहाड मैने महसुस कि वो बेमिसाल यादे बन कर मेरी साथ है ।चाहे पशुपतिनाथ के दर्शन का मौका हो या राजस्थान कि यात्रा हर जगह दिल मांगे मोर।

हैप्पी वैलेंटाइन डे

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14 फरवरी यानी वैलेंटाइन वीक,कहा जाता है कि पहले यूरोप में लोग बिना शादी के ही वो सबकुछ करने में स्वतंत्र थे, जो शादी के 7 फेरों के बाद करने की हमें समाज इजाजत देता है। एक बेहूदा कल्चर चल पड़ा था संपूर्ण यूरोपीय महाद्वीप में। लोग किसी के भी साथ चले जाते थे और मनमर्जी पर छोड़ भी देते थे।यह सब इटली के संत वेलेंटाइन को रास नहीं आया और उन्होंने इसकी भर्त्सना कर एक अलग मार्ग अपनाया।  संत वेलेंटाइन ने लोगों को शादी के बंधन में बांधकर दांपत्य जीवन के सच्चे अर्थों से परिचित करवाया। लेकिन ईसाई व चर्च के पादरी होने के कारण लोगों का धर्म परिवर्तन भी खूब कराया। यह सब रोम के राजा क्लोडियस को नागवार गुजरा और उसने संत वेलेंटाइन को बुलाकर इसे अपनी यूरोपीय संस्कृति और परंपराओं के विरुद्ध बताकर इस पर तुरंत रोक लगाने को कहा, पर वेलेंटाइन नहीं माने और उन्हें राजा ने फांसी पर टांग दिया।एक कुप्रथा के कलंक से यूरोप को मुक्त कराने के लिए संत वेलेंटाइन का ये कत्लेआम इतिहास में यादगार हो गया। पश्चिमी देशों में पारंपरिक रूप से इसे मनाने के लिए ‘वेलेंटाइंस-डे’ के नाम से कार्ड आदान-प्रद...

मणिकर्णिका

कंगना रनौत की मुख्य भूमिका वाली फिल्म मणिकर्णिका, मणिकर्णिका रानी लक्ष्मीबाई का ही नाम है. मनु उन्हें प्यार से कहकर बुलाया जाता है. मणिकर्णिका उनका वास्तविक नाम था. सन् 1835 में महाराष्ट्र के एक ब्राह्मण परिवार में उनका जन्म हुआ था. बाद में जब झांसी के राजा से उनकी शादी हुई, तब वह कहलाईं झांसी की रानी लक्ष्मीबाई.1842 में मनु की झांसी के महाराजा गंगाधर राव से शादी हुई. यह फिल्म झाँसी के रानी लक्ष्मीबाई के जीवन  पर आधारित है।  रानी लक्ष्मीबाई मराठा शासित झाँसी राज्य की रानी थीं और 1857 के प्रथम भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में अंग्रेजी हुकुमत के विरुद्ध बिगुल बजाने वाले वीरों में से एक थीं। वे ऐसी वीरांगना थीं जिन्होंने मात्र 23 वर्ष की आयु में ही ब्रिटिश साम्राज्य की सेना से मोर्चा लिया और रणक्षेत्र में वीरगति को प्राप्त हो गयीं परन्तु जीते जी अंग्रेजों को अपने राज्य झाँसी पर कब्जा नहीं करने दिया। 17 जून को, जनरल स्मिथ द्वारा आदेशित ब्रिटिश सैनिकों का एक बड़ा दल कोटा की सेराई में रानी की सिपाही सेना के साथ लड़ा। सूत्रों के मुताबिक, अंग्रेजों के खिलाफ बहादुरी से लड़...

मां के हाथ का खाना

मां के हाथ का खाना,मां जब खाना बनाती है, तो उसे पता रहता है किस बच्चे को कौन-सी सब्जी अच्छी नहीं लगती। वह उसके लिए भी कोई न कोई विकल्प सोचकर रखती है। वह जानती है कि किसे मिर्च कम और किसे ज्यादा चाहिए। कौन बाजरे की रोटी पसंद करता है और किसी मिस्सी की रोटी पसंद है। मां को पता है कि किस बच्चे को दाल से गैस होती है और किसे लहसुन का छोंक अच्छा लगता है। मां के हाथ के खाने से बच्चों में मोटापा नहीं बढ़ता। रसोई में उठती खाने की गंध और उसमें मिला मां का प्यार बच्चे के तन-मन को कैसे प् रभावित करता है, मां भगवती का वह स्वरूप जिससे संसार को भरण पोषण और अन्न वस्त्र मिल रहा है वे अन्नपूर्णा स्वरूप हैं.मां अन्नपूर्णा की उपासना से समृद्धि, सम्पन्नता और संतोष की प्राप्ति होती है. इसके साथ ही साथ व्यक्ति को भक्ति और वैराग्य का आशीर्वाद भी मिलता है. अन्नपूर्णे सदापूर्णे शंकर प्राण वल्लभे। ज्ञान वैराग्य सिद्धयर्थ भिखां देहि च पार्वति।। माना जाता है कि मां अन्नपूर्णा की भक्ति के शुभ प्रभाव से घर में अन्न का भण्डार भरा रहता है।यह भोजन मंत्र असल में माता पार्वती के अन्नपूर्णा स्वरूप का ...

तेरी पहली मुलाकात

तेरी पहली मुलाकात जिन्दगी में एक बहार लाई थी, हर आईने में तेरी तस्वीर मुझे नजर आई थी, लोग कहते हैं प्यार में नींद उड़ जाती है, हमने तो नींदों में ही प्यार की दुनिया बनाई थी..!! कहते हैं प्यार दुनिया का सबसे खूबसूरत अहसास है। जब यह अहसास सुखद है, सुंदर है, सलोना है लंबे समय तक साथ रहने के बाद एक-दूसरे को देखा नहीं जाता बल्कि अनुभूत किया जाता है, ह्रदय की अनंत गहराइयों में। जो लोग अपनी सच्ची अंतरंगता के साथ एक-दूसरे के साथ रहते हैं, वे एक-दूसरे में अंशत: समाहित हो जाते हैं। बह ुत खूबसूरत हैं आंखे तुम्हारी इन्हें बना दो किस्मत हमारी, हमें नहीं चाहिये ज़माने की खुशियां अगर मिल जाए मोहब्बत तुम्हारी जो आसानी से मिले वो है धोखा; जो मुश्किल से मिले वो है इज्ज़त; जो दिल से मिले वो है प्यार; और जो नसीब से मिले वो हैं आप हर दुआ कबूल नहीं होती; हर आरज़ू पूरी नहीं होती; जिनके दिल में आप जैसे लोग रहते हों; उनके लिए धड़कन भी जरूरी नहीं होती!

Valentine Day Special

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Today 14th February 2019 .I am as fashion blogger have been working in Girinagar Society ,Kalkaji ,Delhi observing the markets with the trend of sale and shared business.across the United States and in other places around the world, candy, flowers and gifts are exchanged between loved ones, all in the name of St. Valentine..The history of Valentine’s Day–and the story of its patron saint–is shrouded in mystery. We do know that February has long been celebrated as a month of romance, and that St. Valentine’s Day,One legend contends that Valentine was a priest who served during the third century in Rome. When Emperor Claudius II decided that single men made better soldiers than those with wives and families, he outlawed marriage for young men. Valentine, realizing the injustice of the decree, defied Claudius and continued to perform marriages for young lovers in secret. When Valentine’s actions were discovered, Claudius ordered that he be put to death.  ...