हैप्पी वैलेंटाइन डे
14 फरवरी यानी वैलेंटाइन वीक,कहा जाता है कि पहले यूरोप में लोग बिना शादी के ही वो सबकुछ करने में
स्वतंत्र थे, जो शादी के 7 फेरों के बाद करने की हमें समाज इजाजत देता है।
एक बेहूदा कल्चर चल पड़ा था संपूर्ण यूरोपीय महाद्वीप में। लोग किसी के भी
साथ चले जाते थे और मनमर्जी पर छोड़ भी देते थे।यह सब इटली के संत वेलेंटाइन को रास नहीं आया और उन्होंने इसकी भर्त्सना
कर एक अलग मार्ग अपनाया।
संत वेलेंटाइन ने लोगों को शादी के बंधन में
बांधकर दांपत्य जीवन के सच्चे अर्थों से परिचित करवाया। लेकिन ईसाई व चर्च
के पादरी होने के कारण लोगों का धर्म परिवर्तन भी खूब कराया। यह सब रोम के
राजा क्लोडियस को नागवार गुजरा और उसने संत वेलेंटाइन को बुलाकर इसे अपनी
यूरोपीय संस्कृति और परंपराओं के विरुद्ध बताकर इस पर तुरंत रोक लगाने को
कहा, पर वेलेंटाइन नहीं माने और उन्हें राजा ने फांसी पर टांग दिया।एक कुप्रथा के कलंक से यूरोप को मुक्त कराने के लिए संत वेलेंटाइन का ये कत्लेआम इतिहास में यादगार हो गया।
पश्चिमी देशों में पारंपरिक रूप से इसे मनाने के लिए ‘वेलेंटाइंस-डे’ के
नाम से कार्ड आदान-प्रदान तो किया ही जाता है, साथ ही दिल, क्यूपिड, फूलों
और ग्रीटिंग कार्डों जैसे प्रेम के चिह्नों को उपहार स्वरूप देकर अपनी
भावनाओं का भी इजहार किया जाता है.पने जज्बातों को शब्दों में बयां करने के लिए शायद इस दिन का हर धड़कते हुए दिल को बेसब्री से इंतजार होता है.

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