प्रेम दिवस और मेरी मा

बचपन बित गया
पलको मे तेरी मा
तु हि मेरी मन
तु हि पवन धर्ति

छोट छोट पाव से
बन शिशु घुमु मै
तेरी पायल मेरी धुन
तेरी वाणी मेरी राग

कहत कबिर मोर मन
भयो बिभोर हर्ष मै
सन्त कि करु मै
सेवा मेरी प्यारी मा

प्रेम दिवस आज
करु प्रेम आलाप
मेरी मा मेरी मा
तु हि मेरी आवाज मा


जग मे सुन्दर
ये तोरे नयन
तेरी आशिर्बाद
रहे हमेशा मुझ पर मा

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