गिरीनगर
मधुर मधुर बोलि से गुन्ज रही गिरीनगर
पल पल मुस्कान देते हुए चलि गिरीनगर
दिल्ली दिल्ली कहते हुए गुन्ज रही गिरीनगर
मै बोलु बोल गिरीनगर क्यु गुन्ज रही हो गिरीनगर
नुक्कर एक गोविन्दपुरी बोले
सुन तु अर्दास अब
करते हुए नमन मुझे
मै खोलू राज क्यु तु है खास गिरीनगर
नही नही ठण्ड मै शिवरात्रि तैयार
बोलु बम बम भोले गिरीनगर
जटा धारी शिवजी है प्रिय मुझे
क्यु न खोलू राज क्यु खास है गिरीनगर
बिन्ति करु करु पुजन नागबाबा शिवजी भोले
राख लगाके कानन कुण्डल डोले नाग गले से
बिन्ति करु मै गिरीनगर क्यु नाचे मन्द गति से
क्यु बोलु तु है खास गिरीनगर
पल पल मुस्कान देते हुए चलि गिरीनगर
दिल्ली दिल्ली कहते हुए गुन्ज रही गिरीनगर
मै बोलु बोल गिरीनगर क्यु गुन्ज रही हो गिरीनगर
नुक्कर एक गोविन्दपुरी बोले
सुन तु अर्दास अब
करते हुए नमन मुझे
मै खोलू राज क्यु तु है खास गिरीनगर
नही नही ठण्ड मै शिवरात्रि तैयार
बोलु बम बम भोले गिरीनगर
जटा धारी शिवजी है प्रिय मुझे
क्यु न खोलू राज क्यु खास है गिरीनगर
बिन्ति करु करु पुजन नागबाबा शिवजी भोले
राख लगाके कानन कुण्डल डोले नाग गले से
बिन्ति करु मै गिरीनगर क्यु नाचे मन्द गति से
क्यु बोलु तु है खास गिरीनगर

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